Skip to main content

पाकिस्तान: तहरीक-ए-लब्बैक का हिंसक प्रदर्शन, हालात बेहद तनावपूर्ण

अक्टूबर 10, नई दिल्ली:   पाकिस्तान के लाहौर समेत कई शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) द्वारा सेना और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होने से तनाव भी बढ़ गया है।  लाहौर में पंजाब प्रशासन TLP कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि घटनास्थल से गोलीबारी, भारी फायरिंग में कई लोगों के घायल होने की खबर है।    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई में एसिड का भी इस्तेमाल किया। वहीं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जो सरकार के लिए असंतोष और अशांति को काबू में करना चुनौतीपूर्ण बना रही है।  अधिकारियों का कहना है कि हालात गंभीर हैं और प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।  

भारत में बढ़ी गोद लेने वालों की संख्या, जानिए मोक्ष की कहानी

नई दिल्ली, 25 अप्रैल: यह कहानी मोक्ष नामक एक छोटे से बच्चे की है, जो "नॉक नीज़" बीमारी के साथ जन्मा था, जिसमें पैरों की हड्डियाँ अंदर की ओर मुड़ी होती हैं। कुछ दिन बाद, उसे एक शिशु देखभाल केंद्र में छोड़ दिया गया। कई परिवार आए, लेकिन उसकी बीमारी देखकर कोई उसे अपनाने को तैयार नहीं हुआ।


फिर एक दंपत्ति ने मोक्ष को देखा। उन्होंने उसकी बीमारी को न देखकर, एक बच्चे को अपनाने का निर्णय लिया। कोरोना की दूसरी लहर के चलते प्रक्रिया लंबी हो गई, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। वीडियो कॉल पर उसे कहानियाँ सुनाईं, उसे हँसाया, और इंतज़ार करते रहे।

नए साल से पहले मोक्ष अपने नए घर पहुँच गया। वहाँ उसे सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि ढेर सारा प्यार भी मिला। उसके माता-पिता ने उसे तैराकी, एक्टिंग और पार्कौर सिखाया। धीरे-धीरे मोक्ष न सिर्फ़ स्वस्थ हुआ, बल्कि वह अपनी क्लास का सबसे बेहतरीन स्टूडेंट बन गया।

आज, मोक्ष की कहानी सिर्फ एक बच्चे की नहीं, बल्कि उन हज़ारों बच्चों की कहानी है जिन्हें अब प्यार से गोद लिया जा रहा है। भारत में गोद लेने की प्रक्रिया अब सामान्य और आसान बन चुकी है। 2024 में, कुल 4,515 कानूनी गोद लेने के मामले दर्ज हुए, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

 भारत सरकार की संस्था, CARA (Central Adoption Resource Authority), ने इस प्रक्रिया को और भी सुलभ और सुरक्षित बनाया है। अब हर बच्चा, चाहे वह अनाथ हो या परित्यक्त, एक कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से गोद लिया जा सकता है। गोद लेने का यह विकल्प अब पहले से कहीं अधिक आम हो चुका है और यह बच्चों के लिए एक नई शुरुआत, एक नया परिवार और फिर से बचपन जीने की उम्मीद का प्रतीक बन चुका है।


Comments

Popular posts from this blog

देश में एक लाख नई मेडिकल सीटें जोड़ने की योजना: पीएम मोदी

 सितंबर 14, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को असम के दरांग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए घोषणा की कि सरकार अगले 4-5 साल में देशभर में एक लाख नई मेडिकल सीटें जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे लाखों युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। पीएम मोदी ने बताया कि पहले मेडिकल सीटों की कमी के कारण बड़ी संख्या में युवा डॉक्टर नहीं बन पाते थे। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश में मेडिकल सीटों की संख्या दो गुना से ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 60-65 साल में जितने मेडिकल कॉलेज बने थे, उतने कॉलेज पिछले 11 वर्षों में बनाए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अब एम्स और मेडिकल कॉलेजों का नेटवर्क देश के कोने-कोने तक फैलाया जा चुका है, जिससे इलाज पहले की तुलना में आसान और सस्ता हुआ है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले असम में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 24 हो गई है। दरांग में भी एक नया मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज बनता है, तो न केवल इलाज की सुविधाएं बेहतर होती हैं बल्कि युवाओं को डॉक्टर बनन...

886 बेटियों को मिला सशक्त भविष्य का बीज, लेकिन क्या इतने भर से बदल जाएगी तस्वीर?

 "मनुष्य का अस्तित्व मातृशक्ति से है, और अब हर बेटी को मिलेगी उड़ान" - ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना (मध्यप्रदेश), 28 जून 2025:  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और प्रेरक कदम उठाया है। उन्होंने गुना संसदीय क्षेत्र की 886 बालिकाओं के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाते खुलवाए हैं, वो भी अपनी निजी पूंजी से। गुना के डाक विभाग द्वारा आयोजित पासबुक वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर सिंधिया ने इन बालिकाओं के अभिभावकों को पासबुक सौंपी। इसके साथ ही उन्होंने यह ऐलान किया कि 1 मई 2025 से 1 मई 2026 तक गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में जन्म लेने वाली हर नवजात बच्ची का खाता वे अपने निजी पैसों से खुलवाएंगे।  सुकन्या योजना के आंकड़े - एक नज़र में: देशभर में खुले खाते: 3.6 करोड़ जमा कुल राशि: ₹2 लाख करोड़ गुना क्षेत्र में अब तक: 30,000 से अधिक खाते इस पहल के तहत: 886 बालिकाओं को शुरुआती लाभ  सवाल उठते हैं: क्या यह पहल एक स्थायी मॉडल बन पाएगी या सिर्फ एक राजनीतिक प्रतीक बनकर रह जाएगी? निजी पैसे से खाता खोलने की घोषणा सराहनीय ...

सीपी राधाकृष्णन होंगे भारत के 15वें उपराष्ट्रपति, 152 वोटों से जीते चुनाव

 नई दिल्ली: संसद के दोनों सदनों के सांसदों ने मतदान कर भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को चुना है। उन्होंने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराया। आज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में मतदान हुआ, जिसके बाद मतों की गिनती की गई। कुल 781 सांसदों को मतदान का अधिकार था, जिसमें राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य, 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य शामिल थे। सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले, जबकि बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। 15 मत रद्द कर दिए गए। मतदान प्रक्रिया बैलेट पेपर से हुई और इसे गुप्त रखा गया। मतदान सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत हुआ। राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी रिटर्निंग ऑफिसर थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले मतदान किया। इसके अलावा कांग्रेस के राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा समेत कई नेता मतदान में शामिल हुए।...