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पाकिस्तान: तहरीक-ए-लब्बैक का हिंसक प्रदर्शन, हालात बेहद तनावपूर्ण

अक्टूबर 10, नई दिल्ली:   पाकिस्तान के लाहौर समेत कई शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) द्वारा सेना और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होने से तनाव भी बढ़ गया है।  लाहौर में पंजाब प्रशासन TLP कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि घटनास्थल से गोलीबारी, भारी फायरिंग में कई लोगों के घायल होने की खबर है।    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई में एसिड का भी इस्तेमाल किया। वहीं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जो सरकार के लिए असंतोष और अशांति को काबू में करना चुनौतीपूर्ण बना रही है।  अधिकारियों का कहना है कि हालात गंभीर हैं और प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।  

ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेस-वे: अब महज डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे आगरा

 

                               कैप्शन: प्रतीकात्मक फोटो

मई 13, ग्वालियर: ग्वालियर से आगरा के बीच बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण नवंबर से शुरू होने वाला है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 220 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है और इसे 4613 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे 88 किलोमीटर लंबा होगा और छह लेन का होगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

यह नया एक्सप्रेस-वे ग्वालियर और आगरा के बीच यात्रा को केवल डेढ़ घंटे का बना देगा। इसके अलावा, यह आगरा से दिल्ली तक के सफर को भी आसान और तेज बना देगा। यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के कारण ग्वालियर से दिल्ली की यात्रा अब महज तीन साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और जीआर इंफ्रा के बीच अनुबंध भी हो चुका है और कंपनी को 30 महीनों में इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। निर्माण के बाद, जीआर इंफ्रा कंपनी अगले 20 महीनों तक एक्सप्रेस-वे का रखरखाव करेगी।

इस परियोजना में मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण का काम जारी है। एनएचएआइ को अक्टूबर 2025 तक सभी भूमि का अधिग्रहण पूरा करना होगा। वन विभाग से भी इस परियोजना के लिए सभी आवश्यक मंजूरी प्राप्त हो चुकी हैं।

इसके अलावा, ग्वालियर से आगरा के बीच मौजूद 121 किलोमीटर पुराने फोरलेन हाईवे की मरम्मत का काम भी इस प्रोजेक्ट में शामिल है। कंपनी को एक साल के भीतर, यानी अक्टूबर 2026 तक इस हाईवे की मरम्मत भी पूरी करनी होगी।

यह एक्सप्रेस-वे न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि यात्रा को भी तेज और सुरक्षित बनाएगा।


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