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पाकिस्तान: तहरीक-ए-लब्बैक का हिंसक प्रदर्शन, हालात बेहद तनावपूर्ण

अक्टूबर 10, नई दिल्ली:   पाकिस्तान के लाहौर समेत कई शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) द्वारा सेना और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होने से तनाव भी बढ़ गया है।  लाहौर में पंजाब प्रशासन TLP कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि घटनास्थल से गोलीबारी, भारी फायरिंग में कई लोगों के घायल होने की खबर है।    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई में एसिड का भी इस्तेमाल किया। वहीं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जो सरकार के लिए असंतोष और अशांति को काबू में करना चुनौतीपूर्ण बना रही है।  अधिकारियों का कहना है कि हालात गंभीर हैं और प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।  

अतुल सुभाष आत्महत्या मामला: पत्नी, सास और साले को मिली जमानत

 


बेंगलुरु, 4 जनवरी: बेंगलुरु के सिटी सिविल कोर्ट ने अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया को जमानत दे दी है। अतुल ने पिछले महीने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

अतुल के वकील पोन्नन्ना ने कहा कि उन्होंने कोर्ट के आदेश की समीक्षा नहीं की है, लेकिन जो भी शर्तें लगी हैं, उस पर विचार करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अपीलीय अदालत में अपील करेंगे। उनके दूसरे वकील विनय सिंह ने भी कहा कि कोर्ट ने याचिका स्वीकार की है और वे आदेश का विश्लेषण करेंगे।

पुलिस ने दिसंबर में सुभाष के भाई की शिकायत के बाद उनकी पत्नी निकिता, सास निशा और साले अनुराग को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, निकिता ने पूछताछ के दौरान दावा किया था कि अतुल ही उसे परेशान करता था।

34 वर्षीय अतुल सुभाष, जो एक निजी कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर थे, ने 9 दिसंबर को बेंगलुरु स्थित अपने अपार्टमेंट में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

इससे पहले, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले में निकिता सिंघानिया के चाचा सुशील सिंघानिया को अग्रिम जमानत दी थी।

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