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पाकिस्तान: तहरीक-ए-लब्बैक का हिंसक प्रदर्शन, हालात बेहद तनावपूर्ण

अक्टूबर 10, नई दिल्ली:   पाकिस्तान के लाहौर समेत कई शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) द्वारा सेना और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होने से तनाव भी बढ़ गया है।  लाहौर में पंजाब प्रशासन TLP कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि घटनास्थल से गोलीबारी, भारी फायरिंग में कई लोगों के घायल होने की खबर है।    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई में एसिड का भी इस्तेमाल किया। वहीं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जो सरकार के लिए असंतोष और अशांति को काबू में करना चुनौतीपूर्ण बना रही है।  अधिकारियों का कहना है कि हालात गंभीर हैं और प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।  

886 बेटियों को मिला सशक्त भविष्य का बीज, लेकिन क्या इतने भर से बदल जाएगी तस्वीर?

 "मनुष्य का अस्तित्व मातृशक्ति से है, और अब हर बेटी को मिलेगी उड़ान" - ज्योतिरादित्य सिंधिया


गुना (मध्यप्रदेश), 28 जून 2025: 
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और प्रेरक कदम उठाया है। उन्होंने गुना संसदीय क्षेत्र की 886 बालिकाओं के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाते खुलवाए हैं, वो भी अपनी निजी पूंजी से।

गुना के डाक विभाग द्वारा आयोजित पासबुक वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर सिंधिया ने इन बालिकाओं के अभिभावकों को पासबुक सौंपी। इसके साथ ही उन्होंने यह ऐलान किया कि 1 मई 2025 से 1 मई 2026 तक गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में जन्म लेने वाली हर नवजात बच्ची का खाता वे अपने निजी पैसों से खुलवाएंगे।

 सुकन्या योजना के आंकड़े - एक नज़र में:

  • देशभर में खुले खाते: 3.6 करोड़

  • जमा कुल राशि: ₹2 लाख करोड़

  • गुना क्षेत्र में अब तक: 30,000 से अधिक खाते

  • इस पहल के तहत: 886 बालिकाओं को शुरुआती लाभ


 सवाल उठते हैं:

  • क्या यह पहल एक स्थायी मॉडल बन पाएगी या सिर्फ एक राजनीतिक प्रतीक बनकर रह जाएगी?

  • निजी पैसे से खाता खोलने की घोषणा सराहनीय है, लेकिन यह कितना व्यावहारिक और लंबी अवधि तक टिकाऊ रहेगा?

  • अन्य सांसदों और नेताओं को क्या इससे प्रेरणा लेनी चाहिए?


 "सशक्तिकरण का बीज अब वटवृक्ष बन गया है" - सिंधिया

अपने संबोधन में सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई सुकन्या योजना को नारी सशक्तिकरण का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने अब बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत ढांचा दिया है।

उन्होंने यह भी कहा, “मैंने यह फैसला इसलिए लिया कि इन बच्चियों को भविष्य में उड़ान मिल सके, ताकि वे केवल सपने न देखें, उन्हें जी भी सकें।”


 "मेरी आजी अम्मा नारी शक्ति की मिसाल थीं"

सिंधिया ने अपने निजी जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई स्कूल और संस्थान शुरू किए थे। 

उन्होंने कहा, 'जो हाथ पालना झुला सकते हैं, वही दुनिया को चला सकते हैं - यह मेरी आजी अम्मा का दर्शन था।

 मध्यप्रदेश बना महिला सशक्तिकरण का नया केंद्र?

सिंधिया ने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों में मध्यप्रदेश सरकार ने बालिकाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • 10वीं में पास बेटियों को लैपटॉप योजना

  • मुख्यमंत्री कन्यादान योजना

  • लाडली बहना योजना – ₹1250 मासिक सहायता


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